अहिछत्रपुर दुर्ग नागौर की पूरी जानकारी Nagaur Fort

हेलो दोस्तों आज हम राजस्थान के नागौर जिले के अहिछत्रपुर दुर्ग नागौर के बारे में जानेगे !

अहिछत्रपुर दुर्ग नागौर का परिचय Introduction of Ahichhatrapur Fort Nagaur

  • नाम – अहिछत्रपुर दुर्ग या नागौर का किला
  •  निर्माण करवाया – चौहान शासक सोमेश्वर के सामंत कैमास ने
  • उपनाम- नागदुर्ग ,नागणा, नागपट्टन
  • श्रेणी – धान्वन दुर्ग ,स्थल दुर्ग
  • निर्माण हुआ – वि.सं.- 1211 में निर्माण हुआ
  • स्थान – नागौर
  • राज्य – राजस्थान ( भारत )
  • किले के दरवाजे – छः
  • दुर्ग के बुर्ज – 28 बुर्जे है !

अहिछत्रपुर दुर्ग के दरवाजो के नाम – सिराईपोल, बिचलीपोल, कचहरी पोल, सूरज पोल, धूपी पोल और राजपोल है !

नागौर के अहिछत्रपुर दुर्ग को देखने के लिए खुलने का समय – किला सप्ताह के सभी दिनों के लिए किला हि खुला रहता है ! खुलने का समय सुबह 8:30 से दोपहर 1:00 और दोपहर 2:30 से शाम 5:00 बजे तक है !

अहिछत्रपुर दुर्ग नागौर का इतिहास History of Ahichhatrapur Fort Nagaur

अहिछत्रपुर दुर्ग नागौर की नींव 1154 ई. में रखी गई ! नागौर दुर्ग का परकोटा लगभग 5000 फीट लम्बा है तथा इसकी प्राचीर में 28 विशाल बुर्जे बनी हुई हैं ! किले के चारों ओर दोहरी प्राचीर निर्मित है ! किले में 6 विशाल दरवाजे सिराईपोल, बिचलीपोल, कचहरीपोल, सूरजपोल, धूपीपोल और राजपोल हैं ! अहिछत्रपुर दुर्गनागौर 2100 गज के घेरे में फैला हुआ है ! किले में 1570 ई. में अकबर ने प्रसिद्ध ‘नागौर दरबार’ का आयोजन किया, यहाँ पर अनेक राजपूत शासकों द्वारा मुगल आधिपत्य स्वीकार किया ! महाराजा गजसिंह के अनुरोध पर मुगल सम्राट शाहजहाँ ने नागौर का किला अमरसिंह को दे दिया !

अमरसिंह की शूर वीरता और पराकरम के कारण नागौर (अहिछत्रपुर ) प्रसिद्ध हो गया ! जोधपुर के महाराजा अभयसिंह (1724-1748 ई.) ने इसे अपने भाई बखतसिंह को जागीर में दे दिया ! इसके बाद नागौर पर अधिकत्तर राठौड़ों का ही अधिकार रहा !

 प्रसिद्ध –

अहिछत्रपुर दुर्गनागौर के भीतर सुंदर भित्तिचित्र बने हुए हैं ! इनमें बादल महल और शीश महल के चित्र दर्शनीय हैं ! इन चित्रों में राजसी वैभव और लोक जीवन का सुंदर समन्वय दिखलाई पड़ता है ! पेड़ के नीचे संगीत सुनते प्रेमी युगल, उद्यान में हासपरिहास करती रमणियाँ, राजदरबार के दृश्य, विविध नस्लों के चुस्त घोड़े, बेलबूंटों और पुष्पलता का चित्रण, नृत्य एवं गायन में तल्लीन और उद्यान में विहार करती नायिकाओं का चरित्र-चित्रण सुन्दर और कलापूर्ण हैं !

मुगल बादशाह अकबर ने अहिछत्रपुर किले के भीतर एक सुन्दर फव्वारा बनवाया ! और अहिछत्रपुर दुर्ग नागौर के इतिहास और संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर संजोये हुए है !

नागौर के बारे में जाने Nagaur History

प्राचीनकाल में अहिछत्रपुर के नाम से विख्यात नागौर जांगलदेश व सपादलक्ष (शाकंभरी) के चौहानों की राजधानी रहा था ! 1570 ई. में अकबर ने अजमेर जियारत कर सीधे अहिछत्रपुर दुर्ग नागौर जाकर अपना दरबार लगाया ! जहाँ मारवाड के अधिकांश शासकों ने उसकी अधीनता स्वीकार की थी ! और मारवाड़ की परतंत्रता की कड़ी में नागौर दरबार एक महत्त्वपूर्ण कड़ी था ! स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व नागौर जोधपुर रियासत का हिस्सा था !

  • क्षेत्रफल :17718 वर्ग कि.मी.
  • सीमाएँ  नागौर से बीकानेर, चुरू, सीकर, जयपुर, अजमेर, पाली व जोधपुर की सीमाएँ मिलती हैं !
  • अहिछत्रपुर में जिप्सम बहुतायत से पाया जाता है !
  • नागौर में खारे पानी की झीलें-डीडवाना व पचपदरा है जिनसे नमक निकाला जाता है !
  • डीडवाना झील जिले की सबसे बड़ी झील है जिसका पानी खारा है !

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