करौली के मंदिर की पूरी जानकारी, Temples of Karauli

नमस्कार दोस्तों आज हम राजस्थान राज्य के करौली जिले में स्थित मंदिरों के बारे में विस्तार से जानेगे. ऐसे तो राजस्थान में कई मंदिर है. जो बहुत ही प्रसिद है लेकिन करौली के मंदिर भी बहुत ही सुंदर और प्रसिद है.

करौली के प्रमुख मंदिर – Major Temples of Karauli

  • कैला देवी मंदिर करौली
  • मदनमोहन जी का मंदिर करौली
  • श्री महावीर जी का मंदिर करौली
  • अंजनी माता का मंदिर करौली
  • गढ़मौरा करौली
  • गुफा मंदिर करौली
  • मेहंदीपुर बालाजी मंदिर करौली
  • गोमती धाम करौली

राजस्थान राज्य के करौली के मंदिर (Temples of Karauli in Rajasthan State in hindi)

कैला देवी मंदिर करौली

कैलादेवी करौली के यदुवंशी राजवंश की कुलदेवी थी.

त्रिकूट पर्वत की घाटी में कालीसिल नदी के किनारे यह मंदिर स्थित है.

यह मंदिर 11वीं सदी में निर्मित्त है, तथा देवी के 9 शक्ति पीठों में से एक है.

कैलादेवी मंदिर के सामने बोहरा भक्त की छतरी है.

तीर्थयात्री यहाँ कालीसिल नदी में अवश्य स्नान करते हैं.

और कैलादेवी की भक्ति में लोकदेवता लांगुरिया के लोकगीत गाये जाते हैं.

करौली के मंदिर यहाँ कैला देवी का प्रसिद्ध लक्खी मेला भरता है

इस मंदिर के पास ही कैला देवी वन्य जीव अभयारण्य स्थित है.

मदनमोहन जी का मंदिर करौली –

करौली मंदिर में मदनमोहन जी की मूर्ति ब्रजभूमि वृंदावन से मुस्लिम आक्रांताओं से बचाकर लाई गई थी. संवत् 1785 में करौली नरेश गोपालसिंह इस मूर्ति को जयपुर से लाए. व सं.1805 (1748 ई.) में वर्तमान देवालय का निर्माण कराया था, यह मंदिर माध्वी गौड़ीय सम्प्रदाय का मंदिर है.

श्री महावीर जी का मंदिर (करौली मंदिर) –

करौली के मंदिर में प्रदेश के पूर्वी भाग में करौली जिले के हिन्डौन उपखण्ड में गम्भीर नदी के किनारे स्थित. श्री महावीर जी विश्वविख्यात लोकतीर्थ है. सभी धर्म, सम्प्रदाय व मान्यता के लोग सद्भाव से इसकी तीर्थ यात्रा करते हैं. यह मंदिर करौली के लाल पत्थर और संगमरमर के योग से चतुष्कोण आकार से बना हुआ है. यह स्थान प्राचीन समय में चांदनपुर के नाम से जाना जाता था. दिगम्बर और स्वेतंबर समान के रूप में यहां पूजा अर्चना करते है.

चैत्र शुक्ला त्रयोदसी पर यहां हरवर्ष चार दिवसीय मेला भरता है. मेले का मुख्य आकर्षण वैशाख कृष्णा प्रतिपदा पर निकलने वाली जिनेन्द्र रथ यात्रा है. जो मुख्य मंदिर से प्रारम्भ होकर गंभीर नदी के तट तक जाती है. स्वर्ण आभा से सुसर्जित संसार रथ पर विराजित प्रतिमा का अभिषेक पीत वस्त्रधारी भक्तजन करते हैं. जबकि शासन (राजा) के प्रतिनिधि स्वरूप क्षेत्रीय उपखंड अधिकारी रथ के सारथी बनते हैं. रथ यात्रा प्रारम्भ होने से पहले. भगवान की मूल प्रतिमा के पुरस्कर्ता चर्मकार ग्वाले के वंशजों को विधिवत सम्मानित कर कृतज्ञता ज्ञापित की जाती है.

अंजनी माता का मंदिर –

करौली मंदिर में इस मंदिर में अंजनी माता जी हनुमान जी को स्तनपान(दूध पिलाती) हुई भारत की मात्र एक मूर्ति है. कबीरशाह का मकबरा जो की करौली में स्थित है.
  • गढ़मौरा – करौली मंदिर में माना जाता है कि गढ़मौरा राजस्थान के प्राचीन गाँवों में से एक है. जो भगवान श्रीकृष्ण के शासनकाल से ही विद्यमान है. इसका वर्तमान नाम राजा मोरध्वज के समय से पड़ा हुआ है. यहाँ पर एक पवित्र कुण्ड है. जहाँ हर वर्ष मकर संक्राति के समय विशाल मेला भी भरता है.
  •   गुफा मंदिर – रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के बीहड़ जंगलों में स्थित गुफा में विद्यमान है. यह मंदिर कैला देवी का मूल व प्राचीन मंदिर माना जाता है.

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर –

करौली के मंदिर में गांव मेहंदीपुर में यह प्रसिद्ध बालाजी मतलब इस हनुमान जी के मंदिर की बहुत दूर दूर तक मान्यता है. पुराणिक मान्यता के अुनसार पागल और बीमार लोग यहाँ पर लाए जाते हैं. और बालाजी की आशीष से अधिकतर मरीज ठीक होकर ही जाते हैं. करौली में 300 मंदिर हैं और इस कारण ही इसे राज्य के सबसे पवित्रतम स्थानों में से एक माना जाता है.
गोमती धाम – गोमती धाम घने जंगल के बीचों बीच संत गोमती दास जी का आश्रम है. और सागर तालाब और तिमनगढ़ क़िले के सामने ही है. यहाँ का वातावरण एक दम शांत और यहां पर आने से मन में शान्ति मिलती है. तथा सभी तरह के मानसिक तनाव दूर हो जाते है. राजस्थान के करौली जिले के मंदिर में यह मंदिर प्रसिद है.

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