जूनागढ़ दुर्ग बीकानेर की पूरी जानकारी Junagadh Fort

जूनागढ़ दुर्ग का परिचय Introduction to Junagadh Fort In Hindi

नमस्कार दोस्तों एक भारत पर हम आपको राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित जूनागढ़ दुर्ग के इतिहास और इसके बारे में जानकारी जानकारी देंगे

  • पूरा नाम – जूनागढ़ दुर्ग या किला ( In Hindi )
  • निर्माण करवाया –    रायसिंह ने
  • निर्माण कब हुआ –  दुर्ग की नीव 1588 ई. ( वि.सं. 1645, फागुन सुदी 12) को रखी गयी थी और सन् 1594 में बनकर तैयार हुआ !
  • स्थान –  बीकानेर  ( राजस्थान , भारत )
  • जुनागढ किले के महल –  फूल महल, अनूप महल, गज मंदिर महल, विक्रम विलास महल, बादल महल, !

जूनागढ़ दुर्ग बीकानेर का इतिहास History of Junagadh Fort Bikaner In Hindi

जूनागढ़ दुर्ग बीकानेर के पुराने गढ़ की नींव बीकानेर के संस्थापक राव बीकाजी ने करणी माता के आशीर्वाद से विक्रम संवत् 1542 (1485 ई.) में रखी थी ! जिसे ‘बीकाजी की टेकरी’ कहते हैं ! उसी जगह इस जूनागढ़ दुर्ग का निर्माण रायसिंह ने विक्रम संवत् 1645 (1588 ई.) फाल्गुन सुदी 12 से विक्रम संवत् 1650 (1593 ई.) तक करवाया ! यह दुर्ग राती घाटी नामक चट्टान पर बना हुआ है और इस दुर्ग को राती घाटी का किला कहते हैं ! और इसी कारण इसे जूनागढ़ कहा गया ! जूनागढ़ दुर्ग ‘धान्वन दुर्ग’ व ‘भूमि दुर्ग’ की श्रेणी में आता है ! इस दुर्ग को ज़मीन का ज़ेवर नाम से भी जाना जाता है यह दुर्ग चतुष्कोणीय या चतुर्भुजाकृति में बना हुआ है !

राजस्थान में पहली लिफ्ट जूनागढ़ दुर्ग में लगाई गई थी ! इस दुर्ग का निर्माण हिंदु और मुस्लिम शैली के समन्वय से हुआ है ! दुर्ग के बारे में कहते हैं – हमने सुना है कि दीवारो के भी कान होते हैं पर जूनागढ़ के महलों की दीवारें तो बोलती हैं !

दुर्ग के प्रवेश द्वार इस दुर्ग के पूर्वी दरवाजे का नाम कर्णपोल’, पश्चिमी दरवाजे का नाम ‘चाँदपोल’ है ! इन दो मुख्य द्वारों के अलावा इसमें पाँच आंतरिक द्वार हैं ! उनके नाम – जो दौलतपोल, फतेहपोल, रतनपोल, सूरजपोल तथा ध्रुव पोल हैं !

बीकानेर दुर्ग के ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थल Historical and Scenic Places of Bikaner Fort In Hindi

  • सूरजपोल –

जूनागढ़ दुर्ग में सूरजपोल का निर्माण पीले पत्थरों से किया गया है ! इस दरवाजे पर रायसिंह प्रशस्ति उत्कीर्ण है ! तथा इसके दोनों ओर 1567 ई. के चित्तौड़ के साके में वीरगति पाने वाले जयमल मेड़तिया ! और उनके बहनोई आमेट के रावत पत्ता सिसोदिया की गजारूढ़ मूर्तियाँ स्थापित हैं ! ये मूर्तियाँ राव रायसिंह द्वारा 1590 ई. में स्थापित करवाई गई थी जो 1690 ई. तक विद्यमान रहीं !

जिसके बाद इन मूर्तियों को औरंगजेब द्वारा तुड़वा दीं गईं ! फ्रांसिसी यात्री बर्नियर ने अपनी पुस्तक दी ट्रैवल्स ऑफ मुगल एम्पायर में इन मूर्तियों और औरंगजेब द्वारा तोड़े जाने का वर्णन दिया है !

  • अनूप महल –

अनूप महल का निर्माण महाराजा अनूपसिंहने करवाया था ! इस महल में सोने की कलम से काम किया हुआ है ! यहीं पर बीकानेर के राजाओं का राजतिलक होता था !

  • लालगढ़ महल – इसका निर्माण महाराजा गंगासिंह ने अपने पिता लालसिंह की स्मृति में लाल पत्थरों से करवाया था !
  • फूल महल व गजमन्दिर महल – ये दोनों महल शीशे की बारीक-बारीक कटाई और फूलो व पत्ते, पत्तियों के सजीव चित्रांकन के लिए प्रसिद्ध हैं !
  • जूनागढ़ दुर्ग में कर्ण महल – इसका निर्माण महाराजा अनूपसिंह ने अपने पिता कर्णसिंह की स्मृति में करवाया !
  • छन्न निवास – इसमें सुंदर लकड़ी की छत तथा कृष्ण की रासलीला के सजीव चित्रण के कारण दर्शनीय है !
  • हर मंदिर – यहाँ पर राजकीय विवाह, गणगौर व अन्य उत्सवों का आयोजन किया जाता था।
  • घंटाघर – इसका निर्माण महाराजा डूंगरसिंह ने करवाया था ! रामसर व रानीसर-इस दुर्ग में जल पीने हेतु ये दो अथाह जलराशि वाले कुएँ हैं !
  • सूरसागर – इस झील का निर्माण सूरसिंह ने करवाया था ! इस झील का वसुंधरा राजे ने जीर्णोद्धार करवाकर 15 अगस्त, 2008 को इसमें नौकायन का उद्घाटन किया !

जूनागढ़ दुर्ग में तैंतीस करोड़ देवी – देवताओं का मंदिर है जिसमें हेरंब गणपति’ (सिंह पर सवार गणपति) की दुर्लभ प्रतिमा स्थित है ! और जूनागढ़ दुर्ग में बने संग्रहालय में एक हजार वर्ष पुरानी सरस्वती की प्रतिमा दर्शनीय है !


1) जूनागढ़ के किले का पुराना नाम क्या है?
2) जूनागढ़ दुर्ग में कितने बुर्ज है?
3) बीकानेर दुर्ग की स्थापना कब की गई?
4) बीकानेर की रानी कौन थी?
5) जूनागढ़ का राजा कौन था?
6) जूनागढ़ कौन से राज्य में स्थित है?


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