डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम – Dr. APJ Abdul Kalam

डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम (15 अक्टूबर, 1931 – 27 जुलाई, 2015 ) एक प्रख्यात वैज्ञानिक एवं भारत के 11 वे राष्ट्रपति और प्रतिभाशाली लेखक थे। वे 1963 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बने थे। अब्दुल कलाम जी हमेशा सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत करना पसंद करते थे। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारतरत्न सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उनका जन्म दिनांक 15 अक्टूबर “विश्वछात्र दिवस” के रूप में मनाया जाता है। 27 जुलाई 2015 में शिलांग में भाषण देते वक्त अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।सन 2002 में कलाम जी भारत के राष्ट्रपति चुने गए और 5 साल की अवधि की सेवा दी।

ए.पी.जे अब्दुल कलाम का जीवन परिचय :- 

  1. उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वर कस्बे में मुस्लिम परिवार में हुआ था। 
  2. उनका पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलाब्दिन अब्दुल कलाम था
  3. उनके पिताजी का नाम जैनुलाब्दिन और माता का नाम अशिअम्माा था।

शिक्षा :-

डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। अतः उन्हें छोटी उम्र में ही काम करना पड़ा अपने पिताजी की आर्थिक मदद के लिए स्कूल के बाद समाचार पत्र बांटने का काम करते थे। अपने स्कूल के दिनों में कलाम जी पठाई में सामान्य छात्र थे। लेकिन नई चीज सीखने के लिए हमेशा तत्पर और तैयार रहते थे। उनके अंदर सीखने की भूक थी। उन्होंने अपनी स्कूल की पढ़ाई रामनाथपुरम स्व्वात्र्ज – मैट्रिकुलेशन स्कूल से पूरी की थी।
सन 1954 में भौतिक विज्ञान में स्नातक किया था। इसके बाद सन् 1955 में वह मद्रास चले गए वहाँ से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
सन 1960 में कलाम जी ने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद पढ़ाई पूरी करने के बाद कलाम जी ने रक्षा अनुसंधान और विकास अनुसंधान संगठन में वैज्ञानिक के तौर पर कार्य किया।

डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी के कार्यो की शुरुवात :-

अब्दुल कलाम जी ने अपने कैरियर की शुरुआत भारतीय सेना के लिए छोटे हलिकोटर की डिजाइन बनाकर की थी। DRDO में कलाम जी को उनके काम से संतुष्टि नहीं मिल रही थी। कलाम जी ने डॉ पंडित जवाहर लाल नेहरु जी द्वारा गठित इंडियन नेशनल फोर्श स्पेस के सदस्य भी थे। इस दौरान प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के साथ काम करने का अवसर मिला। सन 1969 में उनका ट्रांसफर भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो में हो गया था। यहां वह भारत के सैटेलाइट लॉन्च वाइकल परियोजना के निदेशक के तौर पर नियुक्त किए गए थे।
इस परियोजना की सफलता के परिणाम स्वरुप भारत का पहला उपग्रह रोहिणी पृथ्वी की कक्षा में वर्ष 1980 में स्थापित किया गया। इशरो मे शामिल होना कलाम जी के कैरियर का सबसे बड़ा मोड था जबकि उन्होंने सैटेलाइट लॉन्च वाइकल परियोजना पर कार्य प्रारंभ किया। तब उन्हें लगा कि जैसे वह वही कार्य कर रहे हैं, जहां उनका मन लगता है।
1963-64 के दौरान उन्होंने अमेरिका के अंतरिक्ष संगठन नासा की यात्रा की थी।

परमाणु परिक्षण :-

परमाणु वैज्ञानिक राजारमना जिनकी देखरेख में भारत ने पहला परमाणु परीक्षण किया था।
सन 1998 के पोकरण में द्वितीय परमाणु परीक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें मिसाइलों के खोज के कारण भारत का “मिसाइल मैन” कहा जाता है। 1977-80 के दशक में परमाणु सफलताओं से अब्दुल कलाम जी भारत में बहुत प्रसिद्ध हुए थे। देश के सबसे बड़े वैज्ञानिकों में उनका नाम आने लगा था। उनकी ख्याति इतनी बढ़ गई कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने कैबिनेट की मंजूरी के बिना ही उन्हें कुछ गुप्त परियोजनाओं पर कार्य करने की अनुमति दे दी। भारत सरकार ने महत्वकांक्षी “इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल” डेवलपमेंट प्रोग्राम का प्रारंभ डॉक्टर कलाम जी की देखरेख में शुरू किया था। डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी इस परियोजना के मुख्य अधिकारी थे।
इस परियोजना ने देश को अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलो  को दिया था।

डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी की महत्वपूर्ण कार्य :-

जुलाई 1992 से लेकर दिसंबर 1999 तक डॉक्टर जी प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन DRDO के सचिव थे।
सन 1998 में डॉ कलाम जी ह्रदय चिकित्सक सोमा राजू के साथ मिलकर एक कम कीमत का “कोरोनरी स्टेट” का विकास किया था। इसे कलाम-राजू स्टेट के नाम से जाना जाता है। राष्ट्रपति पद से सेवा मुक्त होने के पश्चात कलाम जी शिक्षण, लेखन, मार्गदर्शन और शोध जैसे कार्यों में व्यस्त हो गए।भारतीय प्रबंधन संस्थान शिल्लोंग, भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद, इंदौर जैसे संस्थानों से विजिटिंग प्रोफेसर के तौर पर जुड़े रहे इसके अलावा वह भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलोर के फेलो, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड  टेक्नोलॉजी अन्ना यूनिवर्सिटी चेन्नई में एरोस्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर भी रहे। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान हैदराबाद(IITH) तथा बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी ऑफ अन्ना यूनिवर्सिटी में सूचना प्रौद्योगिकी भी पढ़ाया था।
डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम जी हमेशा से ही देश के युवाओं और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए बातें करते थे। इसी संबंध में उन्होंने देश के युवाओं के लिए “व्हाट कैन आई गिव” पहल की शुरुआत की जिसका उद्देश्य देश के भ्रष्टाचार का सफाया करना था। देश के युवाओं में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए दो बार वह ‘एम.टी.वी यूथ आइकोन ऑफ द ईयर अवार्ड’ के लिए मनोनीत भी किए गए थे। शिक्षण के अलावा कलाम जी ने अनेक पुस्तकें भी लिखी थी। इंडिया 2020 अ विजन फॉर द न्यू मिलेनियम, विंग्स ऑफ फायर ऐन ऑटो बायोग्राफी इग्राइटेड माइंड्स, अनलीशिग द पाँवर विदिन इंडिया, मिशन इंडिया इंडोमीटेबल स्पिरिट आदि।। देश और समाज के लिए किए गए कार्यों की वजह से उनको पुरस्कार मिले। लगभग 40 विश्वविद्यालयों ने उन्हें डॉक्टर्ड की उपाधि दी थी और भारत सरकार ने उन्हें पदमभूषण, पदम विभूषण और भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था।

डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी की महत्वपूर्ण उपलब्धिया  :-

  1. सन 1981 में भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण।
  2. सन् 1990 में भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण से।
  3. सन 1994 में इंस्टिट्यूट ऑफ़ डायरेक्टर सम्मान।
  4. 1997 में भारत सरकार द्वारा भारत रत्न।
  5. सन् 1997 में राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार।
  6. 1997 में वीर सावरकर पुरस्कार भारत सरकार द्वारा।
  7. सन् 2000 में कलाम जी को रामानुजन पुरस्कार अल्वर्स रिसर्च सेंटर, चेन्नई।
  8. सन 2007 में साइंस की मानद डॉक्टरेट वोल्वर हैम्पटन विश्वविद्यालय, ब्रिटेन के द्वारा।
  9. 2007 में चार्ल्स द्वितीय पदक, रॉयल सोसायटी ब्रिटेन के द्वारा।
  10. 2008 में डॉक्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग नानयांग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, सिंगापुर द्वारा।
  11. 2009 में कैलिफोर्निया प्रौद्योगिकी संस्थान, अन्तराष्ट्रीय करमन वोन विंग्स पुरस्कार।
  12. सन् 2009 में हूवर मेडल ASME फाउंडेशन, सयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा।
  13. 2009 में मानद डॉक्टरेट ऑकलैंड विश्वविद्यालय द्वारा।
  14. 2011 में डॉक्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग वाटरलू विश्वविद्यालय द्वारा।
  15. 2011 में IEEEE मानद सदस्यता IEEEE के द्वारा।
  16. 2012 में ऑफ लो(मानद) साइमन फ्रेजर विश्वविद्यालय द्वारा।
  17. 2014 में डॉक्टर ऑफ साइंस एडिनबर्ग विश्वविद्यालय, ब्रिटेन द्वारा।

 

अन्य टॉपिक :-

  • महाराणा सांगा का जीवन परिचय और बाबर का युद्ध Read More
  • छत्रपति शिवाजी महाराज और मराठा साम्राज्य के बारे में इस पोस्ट में हम आपको बतायेंगे Read More
  • सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन परिचय तथा देश की आजादी में योगदान Read More