भीलवाड़ा के मंदिर की पूरी जानकारी Bhilwara Temples

नमस्कार दोस्तों आज हम राजस्थान के भीलवाड़ा के मंदिर के बारे में विस्तार से जानेगे

राजस्थान भीलवाड़ा के मंदिर की पूरी जानकारी Complete information about the temple of Rajasthan Bhilwara

भीलवाड़ा के प्रमुख मंदिरो की सूची

  • शाहपुरा का रामद्वारा का मंदिर
  • सवाई भोज मंदिर गोठां दड़ावतां मन्दिर 
  • हरणी महादेव का मंदिर
  • तिलस्वा मंदिर
  • धनोप माता का मंदिर
  • बाईसा महारानी मन्दिर 
  • मंदाकिनी मंदिर 
  • गाडोली महादेव मन्दिर 
  • देवतलाई के देवनारायण मन्दिर 
  • बागोर गुरु द्वारा 

शाहपुरा का रामद्वारा का मंदिर – Shahpura’s Ramdwara Temple Bhilwara

भीलवाड़ा के मंदिर में शाहपुरा (भीलवाड़ा) में रामस्नेही सम्प्रदाय का प्रधान मठ ! रामस्नेही सम्प्रदाय के संस्थापक स्वामी श्री रामचरण जी महाराज ने सन् 1751 में इस सम्प्रदाय की मुख्य गद्दी शाहपुरा में स्थापित की ! स्वामी महाराज के देहावसान के बाद जिस स्थान पर उनकी अंत्येष्टि की गई ! उसी स्थान पर यह विशाल रामद्वारा निर्मित किया गया इस समाधि स्थल के ऊपर एक बारहदरी है ! इस बारहदरी में कोई मूर्ति, चित्र पादुका कुछ भी नहीं है ! केवल इसके बीचों – बीच समाधि स्तंभ की चौकी पर चौंतीस बार र-र-र और राम-राम-राम लिखा हुआ है !
रामद्वारा परिसर में ही दक्षिण की तरफ पंक्तिधार छतरियाँ निर्मित हैं ! उत्तर की तरफ शाहपुरा के दिवंगत राजाओं की छतरियाँ भी हैं ! प्रतिवर्ष चैत्र कृष्णा प्रतिपदा से पंचमी तक (मार्च-अप्रैल) शाहपुरा में फूलडोल का उत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है !

सवाई भोज मंदिर गोठां दड़ावतां – Sawai Bhoj Temple Gothan Dadawatan Bhilwara

भीलवाड़ा के मंदिर में यह आसौंद (भीलवाड़ा) में खारी नदी के तट पर स्थित लगभग 11 सौ वर्ष पुराना देवनारायण मंदिर है ! यह मंदिर गुर्जर जाति के लोगों के लिए विशेष श्रद्धा का केन्द्र है ! इस मंदिर चौबीस बगड़ावत भाइयों में से एक सवाई भोज को समर्पित है ! राजस्थान में देवनारायणजी के चार प्रमुख मंदिर है-गोठौं दड़ावतो (आसीन्द), देवधाम जोधपुरिया (निवाई, टोंक), देवमाली (अजमेर) एवं देव डूंगरी (चित्तौड़गढ़) !
  •  हरणी महादेव का मंदिर – भीलवाड़ा से 6 किमी दूर स्थित  है !यहाँ एक झुकी हुई चट्टान के नीचे शिवजी का मंदिर बना हुआ
है !प्रतिवर्ष शिवरात्रि पर यहाँ विशाल मेला लगता है !
  • तिलस्वा मंदिर  – मांडलगढ़ के निकट तिलस्वा महादेव मंदिर है !
  •  धनोप माता का मंदिरभीलवाड़ा के धनोप गाँव में स्थित मंदिरधनोप माता राजा धुंध की कुलदेवी थी ! यहाँ प्रतिवर्ष चैत्र सुदी मंदिर एकम से चैत्र सुदी दशमी तक मेला आयोजित होता है !

बाईसा महारानी ( भीलवाड़ा के मंदिर ) – Baisa Maharani Temples of Bhilwara in hindi

भीलवाड़ा के मंदिर में यह प्रसिद्ध देवालय गंगापुर (भीलवाड़ा) में स्थित है ! यह मंदिर ग्वालियर के महाराजा महादजी सिंधिया की पत्नी महारानी गंगाबाई की स्मृति में निर्मित किया गया ! महारानी गंगाबाई उदयपुर के महाराणा ! और गंगाबाई की उनके उमराव देवगढ़ राव के मध्य सुलह करवाने उदयपुर गई थी ! वापस लौटते समय यहाँ उनका देहान्त हो गया था इस मंदिर में गंगाबाई की मूर्ति स्थापित है ! यहाँ उनकी छतरी भी है !
  • मंदाकिनी मंदिरभीलवाड़ा जिले में बिजोलिया में स्थित मंदाकिनी मंदिर’ विलक्षण है ! यहाँ तीन मंदिर-महाकालेश्वर, हजारेश्वर व उण्डेश्वर मंदिर व एक जलकुण्ड-मंदाकिनी जलकुण्ड है !
  • गाडोली महादेव – भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में गाडोली महादेव अकेले ऐसे महादेव हे पूर्ण रूप से परिधानों में सजाए जाते हैं ! देश का शायद यह पहला शिव मंदिर है जहाँ फाल्गुन के अलावा भाद्रपद की चतुर्दशी को भी महाशिवरात्रि मनाई जाती है !

देवतलाई के देवनारायण मन्दिर भीलवाड़ा – Bhilwara Temples hindi

भीलवाड़ा के मंदिर में इस जिले की कोटड़ी तहसील के देवतलाई गाँव का देवनारायण मंदिर सर्वधर्म समभाव का प्रतीक देवनारायण है ! एक ही परिसर में ईसाई, बौद्ध, मुस्लिम, जैन सहित अन्य धर्मों के करीब 70 मंदिर है !
  • बागोर गुरु द्वारा
भीलवाड़ा के बागोर ग्राम में नवनिर्मित गुरुद्वारा श्रीकलगीधर बागोर साहिब जन-जन की आस्था का केन्द्र है ! सिक्खों के 10वें गुरु गोविंदसिंह मार्च, 1707 में अपनी दक्षिण यात्रा के समय बागोर के प्राचीन गढ़ पर 17 दिन तक रूके थे ! उसी की याद में बागोर में गुरुद्वारे का निर्माण करवाया गया !

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