मैगजीन दुर्ग या अकबर का किला अजमेर magazine fort

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मैगजीन दुर्ग या अकबर का किला अजमेर - magazine fort
मैगजीन दुर्ग या अकबर का किला अजमेर - magazine fort

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको राजस्थान के अजमेर जिले के मैगजीन दुर्ग या अकबर का किला के बारे में पूरी जानकारी देंगे  

मैगजीन दुर्ग या अकबर का किला अजमेर का इतिहास magazine fort History in hindi

मैगजीन दुर्ग या अकबर का किला का निर्माण  मुगल बादशाह अकबर ने हिजरी संवत् 978 (1570ई.) में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने हेतु करवाया ! यह दुर्ग ‘स्थल/भूमि दुर्ग’ की श्रेणी में आता है ! यहाँ पर अकबर अपना राजकोष रखता था ! और यह दुर्ग अकबर का दौलतखाना के नाम से जाना जाता है ! सन् 1801 ई. में अंग्रेजों ने इस पर अधिकार कर इसे अपना शस्त्रागार (मैग्जीन) बना लिया ! तभी से इस किले को ‘शस्त्रागार या मैंग्जीन का किला’ कहते हैं ! राजस्थान का यह एकमात्र दुर्ग है जो पूर्णतया मुस्लिम दुर्ग निर्माण पद्धति से बना है !

फरवरी, 1576 में मेवाड़ के महाराणा प्रताप के विरुद्ध हल्दीघाटी युद्ध की रणनीति अकबर ने मैगजीन दुर्ग में बनाई ! जहाँगीर 18 नवम्बर, 1613 से 10 नवम्बर, 1616 तक इसी दुर्ग में रहा ! इस दुर्ग के मुख्य द्वार जिसे ‘जहाँगीर दरवाजा’ भी कहते हैं ! इस दरवाजे के ऊपर बने झरोखे पर जहाँगीर बैठकर न्याय करता था !

यहाँ 10 जनवरी, 1616 को इंग्लैण्ड के राजा जेम्स प्रथम के राजदूत ‘सर टॉमस रो’ ने जहाँगीर के समक्ष प्रस्तुत होकर ! भारत में व्यापार करने की अनुमति प्राप्त की थी ! सन् 1905 ई. में वायसराय लॉर्ड कर्जन के कार्यकाल में इस भवन का पूर्ण रूप से जीर्णोद्धार करवाया !

मैगजीन दुर्ग अजमेर का परिचय Introduction of Magazine Durg Ajmer –

  • नाम – मैगजीन दुर्ग या अकबर का किला  ( Akbar’s Fort )
  • निर्माण करवाया – मुगल बादशाह अकबर ने
  • निर्माण कब हुआ – 1571- 72 ई.
  • दुर्ग स्थित है – अजमेर नगर के बिच में स्थित है
  • जिला – अजमेर (राज्य – राजस्थान )
  • देश – भारत

वर्तमान में मैगजीन दुर्ग के भीतरी कक्षों में एक राजकीय पुरातात्विक संग्रहालय (राजपूताना म्यूजियम) है ! जिसका उद्घाटन 19 अक्टूबर, 1908 को हुआ था ! इसी संग्रहालय में सुगाली माता (आऊवा के ठाकुर कुशाल सिंह चंपावत की आराध्य देवी) की मूर्ति रखी थी ! जो वर्तमान में पाली के बाँगड़ संग्रहालय में है !
राज्य सरकार द्वारा वर्ष 1968 में इस मैगजीन दुर्ग या अकबर का किला को संरक्षित स्मारक घोषित किया गया !

अजमेर के बारे में जाने Know about Ajmer

  •  क्षेत्रफल : 8481 वर्ग कि.मी.
  • राजस्थान के मध्य में स्थित अजमेर जिले की उत्तरी सीमा नागौर व जयपुर,
  • पूर्वी सीमा टोंक, दक्षिणी सीमा भीलवाड़ा तथा राजसमंद तथा पश्चिमी
  • सीमा पाली जिले को स्पर्श करती हैं !
  • पश्चिमी राजस्थान की सर्वाधिक महत्वपूर्ण नदी ‘लूनी नदी’ का उद्गम
  • स्थल अजमेर जिले की नाग पहाड़ियाँ ही है !

प्रमुख मेले और त्यौहार –

  • पुष्कर मेला – कार्तिक शुक्ला एकादशी से पूर्णिमा तक यहाँ पशु मेला भी भरता है !
  • कल्पवृक्ष मेला – स्थान मांगलियावास  श्रावण मास की हरियाली अमावस्या !
  • ख्वाजा साहब का उर्स
  • स्थान अजमेर
  • रज्जब माह की 1 से 6 तारीख तक

अजमेर जिले का इतिहास History of Ajmer District

मैगजीन दुर्ग या अकबर का किला राजस्थान के प्रथम एवं देश के दूसरे पूर्ण साक्षर जिले के पुरस्कार से सम्मानित व साम्प्रदायिक सद्भाव का संगम ! ‘राजस्थान के हृदय स्थल’ व ‘भारत के मक्का’ एवं ‘धर्म नगरी’ आदि अनेक नामों से प्रसिद्ध  है ! अजमेर नगर की स्थापना चौहान राजा अजयराज ने 1113 ई. में की, परंतु अजयमेरु दुर्ग की स्थापना 7वीं सदी में चौहान शासक अजयपाल द्वारा की गई थी ! यहाँ के चौहान शासक पृथ्वीराज तृतीय के तराइन के दूसरे युद्ध (1192 ई.) में मुहमद गौरी से हार जाने के बाद यहाँ मुस्लिम शासन की स्थापना हुई ! और मैगजीन दुर्ग अजमेर दिल्ली सल्तनत के अधीन हो गया !

मैगजीन दुर्ग अकबर द्वारा 1558 ई. में अजमेर को मुगल साम्राज्य में मिला लिया गया – magazine fort in hindi

अजमेर को एक सूबा बनाकर इसे राजपूताना व गुजरात के नियंत्रण हेतु मुख्यालय बना लिया ! इंग्लैण्ड के शासक जेम्स प्रथम के दूत सर टॉमस रो मुगल सम्राट जहाँगीर से भारत में व्यापार करने की अनुमति लेने हेतु 22 दिसम्बर, 1615 को अजमेर आ गये थे ! उन्होंने जहाँगीर से अकबर के किले (मैग्जीन ) में 10 जनवरी, 1616 को मुलाकात की थी ! और भारत में ईस्ट इण्डिया कम्पनी के लिए व्यापार करने की अनुमति प्राप्त की थी !

औरंगजेब द्वारा उत्तराधिकार का अंतिम युद्ध अजमेर के निकट दौराई स्थान पर जीता गया था ! ब्रिटिश शासन के दौरान अजमेर-मेरवाड़ा क्षेत्र सीधे ब्रिटिश शासन के अधीन केन्द्रीय कमिश्नरी प्रांत था ! अंग्रेजी शासन के दौरान यहाँ एजीजी (Agent to Governor General) का कार्यालय सर्वप्रथम सन् 1832 ई. में अजमेर में स्थापित किया गया था ! जो बाद में 1857 ई. में माउंट आबू स्थानांतरित हो गया !

मैगजीन दुर्ग या अकबर का किला अजमेर जिले का जिला मुख्यालय अजमेर शहर कई महान् विभूतियों की कर्मस्थली रहा है ! यह अंग्रेजी शासन से मुक्ति पाने के संग्राम में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देने वाले स्वतंत्रता सेनानी अर्जुन लाल सेठी व हरिभाऊ उपाध्याय की कार्यस्थली रहा है ! स्वतंत्रता संग्राम में जूझ रहे क्रांतिकारियों को खुले हाथों से वित्तीय सहायता प्रदान करने वाले ! दानवीर सेठ दामोदरदास राठी भी ब्यावर (अजमेर) के ही थे ! महान् तपस्वी और आर्य समाज के संस्थापक व ‘सत्यार्थ प्रकाश’ के लेखक स्वामी दयानन्द स स्वती ने भी अपना कुछ समय अजमेर में बिताया और इसका लेखन कार्य किया था !


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